Bankipur Bypoll 2026: अभिषेक कुमार सिन्हा ने पारिवारिक कारणों से नामांकन वापस लिया, BJP ने नीरज कुमार सिन्हा को उम्मीदवार बनाया। प्रशांत किशोर और RJD की रेखा गुप्ता भी मैदान में। जानिए बांकीपुर के जातीय समीकरण और पूरा चुनावी गणित।
पटना, 10 जुलाई 2026: बिहार की सबसे हाई-प्रोफाइल विधानसभा सीटों में शुमार बांकीपुर उपचुनाव में शुक्रवार को बड़ा राजनीतिक उलटफेर हुआ। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के घोषित उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा ने महज 24 घंटे के भीतर अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद पार्टी ने तत्काल नीरज कुमार सिन्हा को अपना नया उम्मीदवार घोषित कर दिया। यह सीट बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई है।
अभिषेक सिन्हा ने क्यों लिया नाम वापस?
भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के उपाध्यक्ष और पटना महानगर के पूर्व अध्यक्ष रहे अभिषेक कुमार सिन्हा ने गुरुवार को ही बीजेपी उम्मीदवार के रूप में अपना नामांकन दाखिल किया था। लेकिन शुक्रवार को उन्होंने प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी से मुलाकात कर एक पत्र सौंपा, जिसमें लिखा:

“विनम्रता के साथ आपसे आग्रह करना चाहता हूं कि मैं पारिवारिक कारणों से विधानसभा उपचुनाव लड़ने में असमर्थ हूं। एनडीए का प्रत्याशी बनाए जाने और भरोसा जताए जाने के लिए केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व का आभारी हूं। एक कार्यकर्ता के नाते निष्ठापूर्वक सेवा देता रहूंगा।”
कौन हैं बीजेपी के नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा?
अभिषेक सिन्हा के हटने के तुरंत बाद बीजेपी ने नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतारा। उनका संक्षिप्त परिचय:
· पार्टी जुड़ाव: 2006 से बीजेपी के सक्रिय सदस्य
· संगठनात्मक अनुभव: दो बार मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं
· पारिवारिक पृष्ठभूमि: पिता नबीन किशोर प्रसाद सिन्हा के निधन के बाद नितिन नबीन ने राजनीति में प्रवेश किया था
बांकीपुर का चुनावी गणित: जातीय समीकरण और इतिहास
बांकीपुर (पूर्व में पटना पश्चिम) विधानसभा सीट बीजेपी का अभेद्य किला मानी जाती है। यहां का चुनावी गणित कुछ इस प्रकार है:
पहलू विवरण
कुल मतदाता लगभग 4 लाख
प्रमुख जातीय समूह कायस्थ (15-20%) और वैश्य/व्यापारी वर्ग
बीजेपी का दबदबा 1995 से लगातार जीत
2025 का परिणाम नितिन नबीन को 98,000+ वोट; RJD की रेखा गुप्ता को 47,000 वोट; जन सुराज को 8,000 से कम वोट
इस सीट पर कौन-कौन है मैदान में?
बांकीपुर उपचुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 13 जुलाई है। अब तक प्रमुख उम्मीदवार:
दल उम्मीदवार
BJP (NDA) नीरज कुमार सिन्हा
RJD (महागठबंधन) रेखा कुमारी उर्फ रेखा गुप्ता
जन सुराज प्रशांत किशोर
जनशक्ति जनता दल (तेज प्रताप यादव) वीणा मानवी (सामाजिक कार्यकर्ता)
प्रशांत किशोर ने BJP के गढ़ में क्यों उतरने का लिया जोखिम?
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर का बांकीपुर जैसी बीजेपी की अभेद्य सीट से चुनाव लड़ने का फैसला कई मायनों में चौंकाने वाला है। 2025 के विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी का खाता तक नहीं खुला था और खुद प्रशांत किशोर ने अंतिम समय पर चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था।
हालांकि, इस बार उनका रुख अलग है। उन्होंने कहा:
“मैं विनम्रता के साथ यह ज़िम्मेदारी स्वीकार करता हूं। पिछले चार वर्षों से जन सुराज ही मेरा जीवन रहा है। आने वाले दस वर्षों तक, जब तक बिहार में बदलाव का सपना पूरा नहीं हो जाता, मेरा कोई दूसरा उद्देश्य नहीं है। अगर जन सुराज बांकीपुर उपचुनाव जीतती है, तो इससे न सिर्फ यह आंदोलन मजबूत होगा, बल्कि बिहार में बदलाव की सोच को भी नई ताकत मिलेगी।”
क्या कहता है राजनीतिक विश्लेषण?
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि:
● बीजेपी के लिए: यह सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न है। नितिन नबीन के जाने के बाद भी पार्टी इसे बचाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी। नीरज सिन्हा का कायस्थ समुदाय से होना जातीय समीकरण साधने की कोशिश मानी जा रही है।
● प्रशांत किशोर के लिए: यह “करो या मरो” जैसी स्थिति है। बांकीपुर जैसी कठिन सीट पर जीत उनके राजनीतिक करियर को नई दिशा दे सकती है, लेकिन हार की स्थिति में जन सुराज की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगेगा।
● RJD के लिए: रेखा गुप्ता पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगी, लेकिन प्रशांत किशोर की मौजूदगी से विपक्षी वोटों का विभाजन तय है।
बांकीपुर की जनता अब 13 जुलाई के बाद यह तय करेगी कि बीजेपी का 30 साल पुराना किला बचता है या बिहार की राजनीति में कोई नया अध्याय लिखा जाता है।