Mahua Moitra Attacked: TMC सांसद महुआ मोइत्रा के नादिया कार्यालय पर अंडे और पत्थर फेंके गए। BJP मंत्री शारद्वत मुखर्जी बोले- ‘शुक्र है सिर्फ अंडा फेंका गया’। अभिषेक बनर्जी, संजय सिंह समेत विपक्ष ने जताई निंदा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
कोलकाता/नादिया, 02 जुलाई 2026: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद और पार्टी की मुखर प्रवक्ता महुआ मोइत्रा बुधवार (01 जुलाई) को अपने ही संसदीय क्षेत्र में एक उग्र विरोध प्रदर्शन का शिकार हुईं। नादिया ज़िले में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित उनके ट्रांज़िट पार्टी कार्यालय पर प्रदर्शनकारियों ने अंडों और पत्थरों की बौछार कर दी। जहाँ महुआ ने इसके पीछे सत्तारूढ़ भाजपा का हाथ बताया, वहीं राज्य के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने विवादित टिप्पणी करते हुए कहा कि “उन्हें भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि सिर्फ़ अंडा फेंका गया है।”
महुआ मोइत्रा ने क्या आरोप लगाए?

महुआ मोइत्रा ने स्वयं इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया, जिसमें वह इमारत की ऊपरी मंजिल से सब कुछ रिकॉर्ड करती नज़र आ रही हैं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि भारी संख्या में लोग सड़क पर जमा हैं और कार्यालय की ओर अंडे फेंक रहे हैं।
उन्होंने लिखा, “मुझ पर बीजेपी के गुंडों की अगुआई में हमला हुआ। मैं अपने कार्यालय में कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रही थी, तभी भीड़ ने अंडे और पत्थर फेंकने शुरू कर दिए। कुछ पत्थर मुझे भी लगे।”
डीजीपी पर फोन न उठाने का आरोप
महुआ ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्धनाथ गुप्ता पर गंभीर आरोप लगाए:
· उन्होंने कहा कि डीजीपी ने लोकेशन माँगने के बावजूद उनका फोन नहीं उठाया।
· पुलिस मौके पर पहुँची तो, लेकिन “दो घंटे तक चुपचाप खड़ी रही और भीड़ को हटाने का कोई प्रयास नहीं किया।”
एक अन्य वीडियो में हाथ में TMC का झंडा लिए महुआ कह रही हैं, “मैं डरती नहीं हूँ। मैं खड़ी रहूँगी, डटी रहूँगी। बीजेपी मुझे चुप कराने में कभी कामयाब नहीं होगी।”
BJP मंत्री का विवादित बयान
पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य मंत्री शारद्वत मुखर्जी ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए पीड़िता को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा:
· “उन्हें भगवान का शुक्रिया अदा करना चाहिए कि सिर्फ़ अंडा फेंका गया है। और आगे लोग उन पर क्या-क्या फेंकने वाले हैं, ये देखिएगा आप।”
· जब उनसे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा, तो बोले, “तो क्या उन पर फूल बरसाएँ? अंडा फेंकने में क्या लॉ एंड ऑर्डर। उन पर आम नागरिक अंडे फेंक रहे हैं।”
· उन्होंने टीएमसी शासनकाल का ज़िक्र करते हुए कहा, “पिछली सरकार के समय जब हमारे अध्यक्ष राज्य के दौरे पर आए थे, तो उन पर ईंट फेंकी गई थी। महुआ मोइत्रा से पूछ लीजिए कि अंडा फेंकना सही है या ईंट फेंकना।”
बीजेपी अध्यक्ष बोले- ‘अंडा फेंकना बंद होना चाहिए’
पश्चिम बंगाल बीजेपी के अध्यक्ष समित भट्टाचार्य ने हालाँकि थोड़ा नरम रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “अंडा फेंकना बंद होना चाहिए। पूरे देश में बंगाल की छवि खराब हो रही है। तृणमूल ही तृणमूल को मार रहा है। किसकी जेब में अंडा है, ये देखने के लिए कोई मेटल डिटेक्टर नहीं है। इसे तृणमूल को ही सुलझाना चाहिए।”
बीजेपी विधायक शंकर सिकदर ने भी कहा कि पार्टी ऐसी घटनाओं को प्रोत्साहित नहीं करती और यह उन लोगों का आक्रोश है जिन्हें टीएमसी शासन में परेशान किया गया।
विपक्षी एकजुटता: ‘लोकतंत्र पर सीधा हमला’
इस घटना के बाद टीएमसी और अन्य विपक्षी दलों ने एकजुट होकर भाजपा पर निशाना साधा।
अभिषेक बनर्जी (TMC महासचिव): “पश्चिम बंगाल पुलिस की चुप्पी गंभीर सवाल खड़ी करती है। जब किसी निर्वाचित जनप्रतिनिधि को सिर्फ़ इसलिए परेशान किया जाता है क्योंकि वह झुकने से इनकार करती हैं, तो यह ताक़त का प्रदर्शन नहीं, कायरता की स्वीकारोक्ति है।”
सागरिका घोष (TMC सांसद): “विपक्षी सांसद पर इस तरह का हमला लोकतंत्र पर सीधा हमला है। राज्य में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।”
संजय सिंह (AAP नेता): “क्या गुंडागर्दी मची है बंगाल में? एक सांसद अपने संसदीय क्षेत्र में सुरक्षित नहीं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला जी को तत्काल संज्ञान लेना चाहिए और अधिकारियों को विशेषाधिकार हनन समिति के समक्ष बुलाना चाहिए।”
कीर्ति आज़ाद (TMC सांसद): “ये बच्चों को खाने के लिए अंडा नहीं देंगे, लेकिन भाजपा कार्यकर्ताओं को फेंकने के लिए अंडे दिए जा रहे हैं।”
क्या है पूरा मामला?

01 जुलाई की शाम कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र की सांसद महुआ मोइत्रा अपने नादिया स्थित ट्रांज़िट ऑफिस में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रही थीं। इसी दौरान बाहर भारी भीड़ जमा हो गई और उनके दफ़्तर पर अंडे, टमाटर और पत्थर फेंके जाने लगे। महुआ ने खुद इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला, जो तेज़ी से वायरल हो गया।
अभी तक पुलिस की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन महुआ के आरोपों और भाजपा मंत्री की टिप्पणी ने राज्य की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है। यह पहला मौका नहीं है जब बंगाल में किसी नेता पर अंडे फेंके गए हों, लेकिन एक महिला सांसद के साथ इस तरह की खुली हिंसा ने लोकतांत्रिक मूल्यों पर नई बहस छेड़ दी है।