
Mumbai Muharram Poison Capsules: भायखला में मुहर्रम जुलूस के दौरान ज़िंक फ़ॉस्फ़ाइड से भरे कैप्सूल बांटने वाला फ़ैयाज़ प्रेमजी गिरफ्तार। 50 किलो ज़हर, 30,000 कैप्सूल की साज़िश का खुलासा। वारिस पठान बोले- ‘मैं भी वहीं था’। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
मुंबई, 29 जून 2026: मुंबई के भायखला इलाके में 27 जून को निकाले गए मुहर्रम जुलूस के दौरान एक ऐसी सनसनीखेज साज़िश सामने आई, जिसने पूरे महाराष्ट्र को हिलाकर रख दिया। जुलूस में शामिल लोगों को चूहे मारने के ज़हर (ज़िंक फ़ॉस्फ़ाइड) से भरे कैप्सूल बांटने के आरोप में पुलिस ने फ़ैयाज़ निसार प्रेमजी (39) नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से अब तक 14,900 ज़हरीले कैप्सूल बरामद किए जा चुके हैं, जबकि उसने 50 किलोग्राम ज़िंक फ़ॉस्फ़ाइड और 30,000 खाली कैप्सूल खरीदने की बात स्वीकार की है।
कैसे हुआ पूरे मामले का खुलासा?
मुंबई ज़ोन-1 के डीसीपी जयंत मीणा के अनुसार, भायखला पुलिस ने जुलूस के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को कैप्सूल बांटते हुए देखा और तत्काल उसे हिरासत में ले लिया। शुरुआत में आरोपी ने दावा किया कि ये दर्द निवारक दवाएँ हैं, लेकिन रात करीब 4 बजे सलमान नामक एक व्यक्ति ने कैप्सूल खाने के बाद उल्टी, मितली और पेट दर्द की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई।
डीसीपी मीणा ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “अभियुक्त ने स्वीकार किया है कि यह जुलूस को निशाना बनाने और बड़े पैमाने पर नुक़सान पहुंचाने की सुनियोजित साज़िश थी।”
कौन है आरोपी फ़ैयाज़ प्रेमजी?
· पहचान: फ़ैयाज़ निसार प्रेमजी (39 वर्ष)
· निवासी: विमान नगर, पुणे
· व्यवसाय: पेंट का कारोबार
· गिरफ्तारी का स्थान: भायखला, मुंबई
पुलिस जाँच में सामने आया कि प्रेमजी ने अपने पेंट व्यवसाय के ज़रिए रसायन खरीदे और ऑनलाइन माध्यम से 30,000 खाली कैप्सूल मँगवाए। वह पिछले 15 दिनों से मुंबई में रुका हुआ था और इसी दौरान उसने कैप्सूलों में ज़िंक फ़ॉस्फ़ाइड भरा था।
‘प्रेमजी महज़ एक मोहरा है’
ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “प्रेमजी महज़ एक मोहरा है। उसके पीछे जो लोग हैं, उन्हें भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इस तरह की चीज़ें पड़ोसी देश में होती हैं, भारत में नहीं। यह आतंकवाद के एक नए रूप की तैयारी है।”
उन्होंने आगे कहा, “यह सब उस जुलूस के दौरान किया जा रहा था, जो सदियों पहले कर्बला में आतंकवाद के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाने वाले इमाम हुसैन की याद में निकाला गया था। महाराष्ट्र सरकार और केंद्र सरकार को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।”
वारिस पठान बोले: ‘मैं भी उसी जुलूस में था’
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के नेता वारिस पठान भी इसी जुलूस में शामिल थे। उन्होंने कहा, “मैं भी वहाँ मौजूद था। मेरे साथ भी ऐसा कुछ हो सकता था। संयुक्त पुलिस आयुक्त (क़ानून-व्यवस्था) और पूरी पुलिस फ़ोर्स वहाँ मौजूद थी, फिर भी ऐसा हुआ। यह बहुत चिंता का विषय है और मैं इसकी निष्पक्ष जाँच चाहता हूँ।”
कांग्रेस नेता बोले: ‘समाज में बढ़ रही नफरत का सबूत’
महाराष्ट्र कांग्रेस के नेता हुसैन दलवी ने कहा, “यह बहुत गंभीर मामला है। इसके पीछे की सच्चाई तक पहुँचना और ज़िम्मेदार लोगों की पहचान करना बेहद ज़रूरी है। किसी त्योहार के दौरान इस तरह की घटनाएँ दर्शाती हैं कि समाज में नफरत कितनी गहराई तक बढ़ गई है।”
अभी कहाँ तक पहुँची जाँच?
पुलिस ने आरोपी के ख़िलाफ़ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 109, 110 और 123 के तहत मामला दर्ज किया है। जाँच के प्रमुख बिंदु:
· 14,900 कैप्सूल बरामद किए जा चुके हैं; शेष कैप्सूल और रसायन की तलाश जारी है।
· आरोपी के विदेश यात्रा संबंधों और मुंबई में संभावित सहयोगियों की जाँच की जा रही है।
· यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने यह ज़हर कहाँ से और किसकी मदद से हासिल किया।
ज़िंक फ़ॉस्फ़ाइड: एक जानलेवा रसायन

क्या है यह?
ज़िंक फ़ॉस्फ़ाइड एक अत्यंत ज़हरीला रासायनिक यौगिक है, जिसका रासायनिक सूत्र Zn₃P₂ है। यह गहरे स्लेटी या काले पाउडर के रूप में पाया जाता है और मुख्य रूप से चूहों को मारने के लिए ‘रैट पॉइज़न’ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
कैसे करता है असर?
जब यह रसायन पेट में पहुँचता है, तो पेट के एसिड के साथ प्रतिक्रिया कर फ़ॉस्फ़ीन गैस बनाता है। यह गैस:
· शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीजन का उपयोग करने से रोक देती है।
· हृदय, फेफड़े, लीवर और किडनी पर गंभीर प्रभाव डालती है।
लक्षण
· तेज़ उल्टी और मितली
· साँसों से लहसुन जैसी गंध आना
· सीने में जकड़न और साँस लेने में तकलीफ
· शरीर में शॉक जैसी स्थिति उत्पन्न होना
क्या है बचाव?
मुंबई के डॉ. भूषण रोकड़े के अनुसार, “ज़िंक फ़ॉस्फ़ाइड का कोई विशेष एंटीडोट उपलब्ध नहीं है। इसका उपचार केवल सहायक चिकित्सा पर आधारित होता है। अगर कोई व्यक्ति ग़लती से इसे निगल ले, तो उल्टी कराने की कोशिश बिल्कुल न करें और तुरंत नज़दीकी अस्पताल ले जाएँ।”
कहाँ होता है इस्तेमाल?
· खेतों और अनाज भंडारण केंद्रों में चूहों से बचाव हेतु
· बागानों और खुले इलाकों में कीट नियंत्रण हेतु
· सावधानी: कई देशों में इसके इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध हैं और यह आम जनता को आसानी से उपलब्ध नहीं कराया जाता।